➤ टांडा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के तथ्यों पर चर्चा के दौरान विधायक बाली की विपक्षी विधायक ने की तारीफ
➤ विपिन सिंह परमार ने सही तथ्यों और आंकड़ों को सदन में रखने के प्रयास को बताया वेरी गुड
➤ बाली ने सकारात्मक लोकतांत्रिक संवाद और जनहित के मुद्दों पर तथ्यात्मक चर्चा को बताया स्वस्थ परंपरा
शिमला। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन एवं नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली एक बार फिर सदन में अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहे। टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़े तथ्यों और आंकड़ों को सदन में रखे जाने के दौरान विपक्ष के विधायक विपिन सिंह परमार ने बाली की सराहना की। चर्चा के दौरान परमार ने बाली के प्रयासों की तारीफ करते हुए उन्हें वेरी गुड कहा।
दरअसल, टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़े विभिन्न तथ्यों को सदन में चर्चा के दौरान रखा जा रहा था। इसी दौरान विपक्ष के विधायक विपिन सिंह परमार ने बाली द्वारा प्रस्तुत किए गए तथ्यों और आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उनकी सराहना की। राजनीतिक मतभेदों के बीच विपक्षी विधायक की ओर से की गई यह तारीफ चर्चा का विषय बन गई।
परमार ने कहा कि सही तथ्यों और आंकड़ों को सामने रखकर किसी विषय पर चर्चा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहतर परंपरा है। उन्होंने बाली के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े विषयों पर तथ्यात्मक तरीके से चर्चा होनी चाहिए।
परमार की ओर से बाली की तारीफ किए जाने के बाद सदन में मौजूद सदस्यों के बीच भी यह बात चर्चा का विषय बनी। आमतौर पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक मुद्दों को लेकर तीखी बहस देखने को मिलती है, लेकिन किसी मुद्दे पर विपक्ष की ओर से सत्ता पक्ष के विधायक के प्रयास की खुलकर सराहना को सकारात्मक लोकतांत्रिक संवाद का उदाहरण माना गया।
वहीं, विधायक आरएस बाली ने इस पूरे घटनाक्रम को सकारात्मक लोकतांत्रिक संवाद से जोड़ते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों पर तथ्यों के आधार पर चर्चा होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सही आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर सरकार के प्रयासों का मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
बाली ने कहा कि लोकतंत्र में तथ्यात्मक चर्चा और सही आंकड़ों का विशेष महत्व है। जब किसी विषय पर आंकड़ों के आधार पर चर्चा होती है तो इससे संबंधित विषय की वास्तविक स्थिति सामने आती है और सरकार के कामकाज का सही मूल्यांकन भी संभव होता है।
उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष के बीच स्वस्थ चर्चा लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करती है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन जनहित से जुड़े विषयों पर तथ्यों के आधार पर चर्चा और एक-दूसरे के अच्छे प्रयासों की सराहना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा है।
टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण संस्थान है। इससे जुड़े विषयों पर विधानसभा में होने वाली चर्चा का सीधा संबंध प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं से है। ऐसे में सदन में इसके कामकाज, सुविधाओं और उपलब्ध आंकड़ों पर तथ्यात्मक चर्चा महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इस घटनाक्रम में खास बात यह रही कि राजनीतिक खेमों के अलग-अलग होने के बावजूद विपिन सिंह परमार ने आरएस बाली के प्रयास की तारीफ की। परमार का बाली को वेरी गुड कहना यह संदेश देता है कि विधानसभा में राजनीतिक असहमति के साथ-साथ अच्छे और तथ्यात्मक प्रयासों को स्वीकार करने की गुंजाइश भी बनी हुई है।
वहीं, बाली की ओर से इसे लोकतांत्रिक संवाद और स्वस्थ परंपरा से जोड़ना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका कहना है कि जनहित के मुद्दों पर तथ्य, आंकड़े और सकारात्मक चर्चा लोकतंत्र के लिए जरूरी हैं।



